महाभारत 3.143.20
तस्मिन्नुपरते वर्षे वाते च समतां गतेगते ह्यम्भसि निम्नानि प्रादुर्भूते दिवाकरे
tasminnuparate varṣe vāte ca samatāṃ gategate hyambhasi nimnāni prādurbhūte divākare
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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