महाभारत 3.144.26
ब्राह्मणांश्च महाबाहुः स च तैरभिनन्दितःउवाच भीमसेनं स पितरं सत्यविक्रमः
brāhmaṇāṃśca mahābāhuḥ sa ca tairabhinanditaḥuvāca bhīmasenaṃ sa pitaraṃ satyavikramaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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