महाभारत 3.146.13
अभिप्रायं तु विज्ञाय महिष्याः पुरुषर्षभःप्रियायाः प्रियकामः स भीमो भीमपराक्रमः
abhiprāyaṃ tu vijñāya mahiṣyāḥ puruṣarṣabhaḥpriyāyāḥ priyakāmaḥ sa bhīmo bhīmaparākramaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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