महाभारत 3.146.63
स भीमसेनस्तं श्रुत्वा संप्रहृष्टतनूरुहःशब्दप्रभवमन्विच्छंश्चचार कदलीवनम्
sa bhīmasenastaṃ śrutvā saṃprahṛṣṭatanūruhaḥśabdaprabhavamanvicchaṃścacāra kadalīvanam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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