महाभारत 3.146.72अथोपसृत्य तरसा भीमो भीमपराक्रमःसिंहनादं समकरोद्बोधयिष्यन्कपिं तदाathopasṛtya tarasā bhīmo bhīmaparākramaḥsiṃhanādaṃ samakarodbodhayiṣyankapiṃ tadāइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें