महाभारत 3.147.13
स मे भ्राता महावीर्यस्तुल्योऽहं तस्य तेजसाबले पराक्रमे युद्धे शक्तोऽहं तव निग्रहे
sa me bhrātā mahāvīryastulyo'haṃ tasya tejasābale parākrame yuddhe śakto'haṃ tava nigrahe
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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