महाभारत 3.147.38
दश वर्षसहस्राणि दश वर्षशतानि चराज्यं कारितवान्रामस्ततस्तु त्रिदिवं गतः
daśa varṣasahasrāṇi daśa varṣaśatāni carājyaṃ kāritavānrāmastatastu tridivaṃ gataḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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