महाभारत 3.148.23
पादेन ह्रसते धर्मो रक्ततां याति चाच्युतःसत्यप्रवृत्ताश्च नराः क्रियाधर्मपरायणाः
pādena hrasate dharmo raktatāṃ yāti cācyutaḥsatyapravṛttāśca narāḥ kriyādharmaparāyaṇāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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