महाभारत 3.149.19
मया तु तस्मिन्निहते रावणे लोककण्टकेकीर्तिर्नश्येद्राघवस्य तत एतदुपेक्षितम्
mayā tu tasminnihate rāvaṇe lokakaṇṭakekīrtirnaśyedrāghavasya tata etadupekṣitam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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