महाभारत 3.154.39
श्रुता मे राक्षसा ये ये त्वया विनिहता रणेतेषामद्य करिष्यामि तवास्रेणोदकक्रियाम्
śrutā me rākṣasā ye ye tvayā vinihatā raṇeteṣāmadya kariṣyāmi tavāsreṇodakakriyām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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