महाभारत 3.156.2
ततः कृष्णा च भीमश्च यमौ चापि यशस्विनौशिरोभिः प्राप्य राजर्षिं परिवार्योपतस्थिरे
tataḥ kṛṣṇā ca bhīmaśca yamau cāpi yaśasvinauśirobhiḥ prāpya rājarṣiṃ parivāryopatasthire
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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