महाभारत 3.157.11
आर्ष्टिषेणाश्रमे तेषां वसतां वै महात्मनाम्अगच्छन्बहवो मासाः पश्यतां महदद्भुतम्
ārṣṭiṣeṇāśrame teṣāṃ vasatāṃ vai mahātmanāmagacchanbahavo māsāḥ paśyatāṃ mahadadbhutam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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