महाभारत 3.157.2
कानि चाभ्यवहार्याणि तत्र तेषां महात्मनाम्वसतां लोकवीराणामासंस्तद्ब्रूहि सत्तम
kāni cābhyavahāryāṇi tatra teṣāṃ mahātmanāmvasatāṃ lokavīrāṇāmāsaṃstadbrūhi sattama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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