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महाभारत 3.16.5
पुरी समन्ताद्विहिता सपताका सतोरणासचक्रा सहुडा चैव सयन्त्रखनका तथा
purī samantādvihitā sapatākā satoraṇāsacakrā sahuḍā caiva sayantrakhanakā tathā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंपुरी समन्ताद्विहिता सपताका सतोरणासचक्रा सहुडा चैव सयन्त्रखनका तथा
purī samantādvihitā sapatākā satoraṇāsacakrā sahuḍā caiva sayantrakhanakā tathā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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