महाभारत 3.164.29
शिक्ष मे भवनं गत्वा सर्वाण्यस्त्राणि भारतवायोरग्नेर्वसुभ्योऽथ वरुणात्समरुद्गणात्
śikṣa me bhavanaṃ gatvā sarvāṇyastrāṇi bhāratavāyoragnervasubhyo'tha varuṇātsamarudgaṇāt
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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