महाभारत 3.168.13
सा तु मायामयी वृष्टिः पीडयामास मां युधिअथ घोरं तमस्तीव्रं प्रादुरासीत्समन्ततः
sā tu māyāmayī vṛṣṭiḥ pīḍayāmāsa māṃ yudhiatha ghoraṃ tamastīvraṃ prādurāsītsamantataḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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