महाभारत 3.168.3चूर्ण्यमानेऽश्मवर्षे तु पावकः समजायततत्राश्मचूर्णमपतत्पावकप्रकरा इवcūrṇyamāne'śmavarṣe tu pāvakaḥ samajāyatatatrāśmacūrṇamapatatpāvakaprakarā ivaइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें