महाभारत 3.169.33
कालस्य परिणामेन ततस्त्वमिह भारतएषामन्तकरः प्राप्तस्तत्त्वया च कृतं तथा
kālasya pariṇāmena tatastvamiha bhārataeṣāmantakaraḥ prāptastattvayā ca kṛtaṃ tathā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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