महाभारत 3.17.1
वासुदेव उवाच · vāsudeva uvāca
तां तूपयात्वा राजेन्द्र शाल्वः सौभपतिस्तदाप्रभूतनरनागेन बलेनोपविवेश ह
tāṃ tūpayātvā rājendra śālvaḥ saubhapatistadāprabhūtanaranāgena balenopaviveśa ha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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