महाभारत 3.170.36
अहं तु शरवर्षैस्तानस्त्रप्रमुदितै रणेनाशक्नुवं पीडयितुं ते तु मां पर्यपीडयन्
ahaṃ tu śaravarṣaistānastrapramuditai raṇenāśaknuvaṃ pīḍayituṃ te tu māṃ paryapīḍayan
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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