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महाभारत 3.177.12
प्रश्नानुच्चारितांस्तु त्वं व्याहरिष्यसि चेन्ममअथ पश्चाद्विमोक्ष्यामि भ्रातरं ते वृकोदरम्
praśnānuccāritāṃstu tvaṃ vyāhariṣyasi cenmamaatha paścādvimokṣyāmi bhrātaraṃ te vṛkodaram
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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