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महाभारत 3.183.27
अतो राज्ञः प्रधानत्वं शास्त्रप्रामाण्यदर्शनात्उत्तरः सिध्यते पक्षो येन राजेति भाषितम्
ato rājñaḥ pradhānatvaṃ śāstraprāmāṇyadarśanātuttaraḥ sidhyate pakṣo yena rājeti bhāṣitam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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