महाभारत 3.186.116
ततो मामब्रवीद्वीर स बालः प्रहसन्निवश्रीवत्सधारी द्युतिमान्पीतवासा महाद्युतिः
tato māmabravīdvīra sa bālaḥ prahasannivaśrīvatsadhārī dyutimānpītavāsā mahādyutiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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