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महाभारत 3.186.26
ब्राह्मणाः शूद्रकर्माणस्तथा शूद्रा धनार्जकाःक्षत्रधर्मेण वाप्यत्र वर्तयन्ति गते युगे
brāhmaṇāḥ śūdrakarmāṇastathā śūdrā dhanārjakāḥkṣatradharmeṇa vāpyatra vartayanti gate yuge
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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