महाभारत 3.186.29
बहवो म्लेच्छराजानः पृथिव्यां मनुजाधिपमिथ्यानुशासिनः पापा मृषावादपरायणाः
bahavo mleccharājānaḥ pṛthivyāṃ manujādhipamithyānuśāsinaḥ pāpā mṛṣāvādaparāyaṇāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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