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महाभारत 3.187.38
अर्धं मम शरीरस्य सर्वलोकपितामहःअहं नारायणो नाम शङ्खचक्रगदाधरः
ardhaṃ mama śarīrasya sarvalokapitāmahaḥahaṃ nārāyaṇo nāma śaṅkhacakragadādharaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंअर्धं मम शरीरस्य सर्वलोकपितामहःअहं नारायणो नाम शङ्खचक्रगदाधरः
ardhaṃ mama śarīrasya sarvalokapitāmahaḥahaṃ nārāyaṇo nāma śaṅkhacakragadādharaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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