महाभारत 3.188.6
किंवीर्या मानवास्तत्र किमाहारविहारिणःकिमायुषः किंवसना भविष्यन्ति युगक्षये
kiṃvīryā mānavāstatra kimāhāravihāriṇaḥkimāyuṣaḥ kiṃvasanā bhaviṣyanti yugakṣaye
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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