महाभारत 3.19.8सोऽपयामि शनैर्वीर बलवानेष पापकृत्मोहितश्च रणे शूरो रक्ष्यः सारथिना रथीso'payāmi śanairvīra balavāneṣa pāpakṛtmohitaśca raṇe śūro rakṣyaḥ sārathinā rathīइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें