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महाभारत 3.190.10
अथापश्यत्कन्यां परमरूपदर्शनीयां पुष्पाण्यवचिन्वतीं गायन्तीं च
athāpaśyatkanyāṃ paramarūpadarśanīyāṃ puṣpāṇyavacinvatīṃ gāyantīṃ ca
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंअथापश्यत्कन्यां परमरूपदर्शनीयां पुष्पाण्यवचिन्वतीं गायन्तीं च
athāpaśyatkanyāṃ paramarūpadarśanīyāṃ puṣpāṇyavacinvatīṃ gāyantīṃ ca
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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