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महाभारत 3.190.56
स गत्वैवं तं राजानमब्रवीत्
sa gatvaivaṃ taṃ rājānamabravīt
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंस गत्वैवं तं राजानमब्रवीत्
sa gatvaivaṃ taṃ rājānamabravīt
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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