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महाभारत 3.197.30
शुश्रूषायाः फलं पश्य पत्युर्ब्राह्मण यादृशम्बलाका हि त्वया दग्धा रोषात्तद्विदितं मम
śuśrūṣāyāḥ phalaṃ paśya patyurbrāhmaṇa yādṛśambalākā hi tvayā dagdhā roṣāttadviditaṃ mama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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