महाभारत 3.197.37
यद्ब्राह्मणानां कुशलं तदेषां परिकीर्तयेत्सत्यं तथा व्याहरतां नानृते रमते मनः
yadbrāhmaṇānāṃ kuśalaṃ tadeṣāṃ parikīrtayetsatyaṃ tathā vyāharatāṃ nānṛte ramate manaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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