महाभारत 3.21.32
ततो हुडहुडाः प्रासाः शक्तिशूलपरश्वधाःपट्टिशाश्च भुशुण्ड्यश्च प्रापतन्ननिशं मयि
tato huḍahuḍāḥ prāsāḥ śaktiśūlaparaśvadhāḥpaṭṭiśāśca bhuśuṇḍyaśca prāpatannaniśaṃ mayi
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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