महाभारत 3.214.19
लोहिताभ्रेण महता संवृतः सह विद्युतालोहिताभ्रे सुमहति भाति सूर्य इवोदितः
lohitābhreṇa mahatā saṃvṛtaḥ saha vidyutālohitābhre sumahati bhāti sūrya ivoditaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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