महाभारत 3.219.29
दैत्यानां या दितिर्माता तामाहुर्मुखमण्डिकाम्अत्यर्थं शिशुमांसेन संप्रहृष्टा दुरासदा
daityānāṃ yā ditirmātā tāmāhurmukhamaṇḍikāmatyarthaṃ śiśumāṃsena saṃprahṛṣṭā durāsadā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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