महाभारत 3.227.11
यदि मां धर्मराजश्च भीमसेनश्च पाण्डवःयुक्तं परमया लक्ष्म्या पश्येतां जीवितं भवेत्
yadi māṃ dharmarājaśca bhīmasenaśca pāṇḍavaḥyuktaṃ paramayā lakṣmyā paśyetāṃ jīvitaṃ bhavet
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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