महाभारत 3.227.13स सौबलेन सहितस्तथा दुःशासनेन चउपायं पश्य निपुणं येन गच्छेम तद्वनम्sa saubalena sahitastathā duḥśāsanena caupāyaṃ paśya nipuṇaṃ yena gacchema tadvanamइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें