महाभारत 3.229.1
वैशंपायन उवाच · vaiśaṃpāyana uvāca
अथ दुर्योधनो राजा तत्र तत्र वने वसन्जगाम घोषानभितस्तत्र चक्रे निवेशनम्
atha duryodhano rājā tatra tatra vane vasanjagāma ghoṣānabhitastatra cakre niveśanam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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