महाभारत 3.229.3
तथैव तत्समीपस्थान्पृथगावसथान्बहून्कर्णस्य शकुनेश्चैव भ्रातॄणां चैव सर्वशः
tathaiva tatsamīpasthānpṛthagāvasathānbahūnkarṇasya śakuneścaiva bhrātṝṇāṃ caiva sarvaśaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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