महाभारत 3.229.4
ददर्श स तदा गावः शतशोऽथ सहस्रशःअङ्कैर्लक्षैश्च ताः सर्वा लक्षयामास पार्थिवः
dadarśa sa tadā gāvaḥ śataśo'tha sahasraśaḥaṅkairlakṣaiśca tāḥ sarvā lakṣayāmāsa pārthivaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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