महाभारत 3.23.5
ततोऽस्त्रं शब्दसाहं वै त्वरमाणो महाहवेअयोजयं तद्वधाय ततः शब्द उपारमत्
tato'straṃ śabdasāhaṃ vai tvaramāṇo mahāhaveayojayaṃ tadvadhāya tataḥ śabda upāramat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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