महाभारत 3.237.5
अथ नः सैनिकाः केचिदमात्याश्च महारथान्उपगम्याब्रुवन्दीनाः पाण्डवाञ्शरणप्रदान्
atha naḥ sainikāḥ kecidamātyāśca mahārathānupagamyābruvandīnāḥ pāṇḍavāñśaraṇapradān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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