महाभारत 3.242.24
विसर्जयित्वा स नृपान्भ्रातृभिः परिवारितःविवेश हास्तिनपुरं सहितः कर्णसौबलैः
visarjayitvā sa nṛpānbhrātṛbhiḥ parivāritaḥviveśa hāstinapuraṃ sahitaḥ karṇasaubalaiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें