महाभारत 3.242.8स गत्वा पाण्डवावासमुवाचाभिप्रणम्य तान्दुर्योधनो महाराज यजते नृपसत्तमःsa gatvā pāṇḍavāvāsamuvācābhipraṇamya tānduryodhano mahārāja yajate nṛpasattamaḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें