महाभारत 3.251.3
एतां दृष्ट्वा स्त्रियो मेऽन्या यथा शाखामृगस्त्रियःप्रतिभान्ति महाबाहो सत्यमेतद्ब्रवीमि ते
etāṃ dṛṣṭvā striyo me'nyā yathā śākhāmṛgastriyaḥpratibhānti mahābāho satyametadbravīmi te
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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