महाभारत 3.259.13
सर्वे वेदविदः शूराः सर्वे सुचरितव्रताःऊषुः पित्रा सह रता गन्धमादनपर्वते
sarve vedavidaḥ śūrāḥ sarve sucaritavratāḥūṣuḥ pitrā saha ratā gandhamādanaparvate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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