महाभारत 3.259.39
दशग्रीवस्तु दैत्यानां देवानां च बलोत्कटःआक्रम्य रत्नान्यहरत्कामरूपी विहंगमः
daśagrīvastu daityānāṃ devānāṃ ca balotkaṭaḥākramya ratnānyaharatkāmarūpī vihaṃgamaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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