महाभारत 3.263.39
रावणेन हृता सीता राज्ञा लङ्कानिवासिनासुग्रीवमभिगच्छस्व स ते साह्यं करिष्यति
rāvaṇena hṛtā sītā rājñā laṅkānivāsināsugrīvamabhigacchasva sa te sāhyaṃ kariṣyati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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