महाभारत 3.265.11
चतुर्दश पिशाचानां कोट्यो मे वचने स्थिताःद्विस्तावत्पुरुषादानां रक्षसां भीमकर्मणाम्
caturdaśa piśācānāṃ koṭyo me vacane sthitāḥdvistāvatpuruṣādānāṃ rakṣasāṃ bhīmakarmaṇām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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