महाभारत 3.266.7यदर्थं निहतो वाली मया रघुकुलोद्वहत्वया सह महाबाहो किष्किन्धोपवने तदाyadarthaṃ nihato vālī mayā raghukulodvahatvayā saha mahābāho kiṣkindhopavane tadāइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें